फिटर

फिटर एक संरचनात्मक एवं मैकेनिकल कार्यों से जुड़ा व्यावसायिक (Vocational) ट्रेड है। इस कोर्स की अवधि 2 वर्ष होती है। इस ट्रेड में विद्यार्थियों को विभिन्न धातु संरचनाओं को फिट करना, असेंबल करना और मशीनों के रख-रखाव का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाता है।

कोर्स के दौरान छात्र एंगल आयरन, आई-बीम, प्लेट स्टील जैसी सामग्रियों से ढांचे और हाउसिंग तैयार करना सीखते हैं। साथ ही हैंड टूल्स, मशीन टूल्स और वेल्डिंग उपकरणों का उपयोग कर ड्रॉइंग के अनुसार कार्य करना, पार्ट्स की माप लेना और फिटिंग करना सिखाया जाता है।

यह ट्रेड रोजगार की दृष्टि से बहुत उपयोगी है क्योंकि इसे पूरा करने के बाद उम्मीदवारों के पास एक ओर नौकरी के अनेक अवसर होते हैं, वहीं दूसरी ओर वे स्वरोजगार या आगे की तकनीकी पढ़ाई भी कर सकते हैं। देशभर में अनेक आईटीआई और तकनीकी संस्थान यह ट्रेड संचालित करते हैं।

प्रशिक्षण के प्रमुख क्षेत्र

फिटर ट्रेड में विद्यार्थियों को निम्नलिखित कार्यों का प्रशिक्षण दिया जाता है—

  • मशीन पार्ट्स की फिटिंग और असेंबली
  • धातु कटिंग, फाइलिंग और ड्रिलिंग
  • तकनीकी ड्रॉइंग पढ़ना और समझना
  • हैंड टूल्स और मशीन टूल्स का उपयोग
  • वेल्डिंग की मूल जानकारी
  • पाइप फिटिंग और फैब्रिकेशन
  • औद्योगिक मशीनों का मेंटेनेंस
  • माप उपकरणों (Measuring Instruments) का उपयोग

संभावित नौकरी के अवसर

फिटर ट्रेड पूरा करने के बाद निम्न पदों पर रोजगार के अवसर उपलब्ध होते हैं—

  • फिटर
  • वेल्डर
  • पाइप फैब्रिकेटर
  • मैकेनिकल फिटर
  • टेक्निकल असिस्टेंट / टेक्नीशियन
  • प्लांट मेंटेनेंस फिटर
  • लेथ मशीन ऑपरेटर

इस ट्रेड की विशेषताएँ

  • उद्योगों में उच्च मांग वाला कौशल
  • 100% प्रैक्टिकल आधारित प्रशिक्षण
  • सरकारी एवं निजी क्षेत्र में रोजगार अवसर
  • स्वयं का वर्कशॉप/फैब्रिकेशन कार्य शुरू करने की सुविधा
  • आगे की पढ़ाई (डिप्लोमा/एप्रेंटिसशिप) के अवसर

Criteria

पात्रता 

न्यूनतम योग्यता: 10वीं 

कुल सीटें

160

कोर्स अवधि

2 वर्ष

परीक्षा प्रणाली

वार्षिक (Yearly)